अर्शदीप सिंह का ये बयान वाकई में दर्शाता है कि उन्होंने कितनी जल्दी प्रोफेशनल क्रिकेट की जिम्मेदारियों को समझ लिया और उसे निभाया भी। 💯

जब कोई खिलाड़ी खुद कहता है कि “पहले साल के बाद से ही मैं सीनियर की तरह सोचने लगा”, तो साफ है कि वो सिर्फ गेंदबाज नहीं बल्कि टीम के लिए एक लीडर की तरह बन चुका है। 2019 से टीम से जुड़े रहकर अब तक का सफर अर्शदीप के लिए सीख, संघर्ष और सफलता से भरा रहा है।

📌 कुछ अहम बातें जो उनके इंटरव्यू से निकलती हैं:

  • जिम्मेदारी की समझ: उन्होंने माना कि छोटी-सी गलती भी टीम को भारी पड़ सकती है, इसलिए वो हर गेंद सोच-समझकर फेंकते हैं।
  • फ्रेंचाइज़ी के प्रति समर्पण: सात साल से जुड़े रहना और हर सीज़न में इम्प्रूव करते जाना, यही दिखाता है कि पंजाब किंग्स ने उन पर भरोसा क्यों जताया।
  • लीडरशिप क्वालिटी: युवा गेंदबाजों के लिए रोल मॉडल की तरह बन चुके हैं। जबरदस्त डेथ ओवर स्पेशलिस्ट हैं और दबाव में भी कूल रहते हैं।

💬 एक लाइन में कहें तो – “अर्शदीप सिर्फ गेंदबाजी नहीं कर रहे, वो मैच पढ़ रहे हैं।”

अब सवाल ये है कि क्या IPL 2025 में वो 25+ विकेट का आंकड़ा छू पाएंगे? 🤔
तुम्हें क्या लगता है? 💬

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